चक्रवात ‘दित्वा’ से श्रीलंका में भारी तबाही: 46 की मौत
PM मोदी ने व्यक्त की संवेदना; भारत भेजेगा राहत सामग्री
नई दिल्ली, 28 नवंबर (एजेंसियां)। चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचा दी है। लगातार तेज़ होती हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 लोग लापता बताए जा रहे हैं। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, तेज़ हवा और भारी बारिश के चलते देश भर में बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। अब तक 43,991 लोगों को स्कूलों और अन्य सार्वजनिक आश्रय स्थलों में शरण दी गई है।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए श्रीलंका में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, रेल सेवाएं निलंबित कर दी गईं और कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज ने भी समय से पहले कारोबार बंद कर दिया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तूफान अगले 12 घंटों में और प्रबल हो सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा है। मोदी ने बताया कि भारत ने तुरंत राहत सामग्री भेजने के लिए ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ शुरू कर दिया है और जरूरत पड़ने पर आगे और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘दित्वा’ इस समय श्रीलंका के तटीय क्षेत्रों से होते हुए दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय है। यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 30 नवंबर की सुबह तक तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों के करीब पहुंचने की आशंका जताई गई है। गुरुवार सुबह 8:30 बजे यह तूफान श्रीलंका के त्रिंकोमाली से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम तथा बट्टिकलोआ से 100 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम की दूरी पर था। भारत की ओर यह कराईकल से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 430 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 530 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
तूफान के नजदीक आने को देखते हुए तमिलनाडु में अलर्ट जारी कर दिया गया है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई सहित कावेरी डेल्टा के कई जिलों में 30 नवंबर तक रेड अलर्ट घोषित किया है। पुडुचेरी बंदरगाह पर चक्रवात चेतावनी संकेत संख्या 2 फहरा दिया गया है। समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटवर्ती इलाकों में तेज़ हवाएं चल रही हैं। उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज़ हवाओं का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने आने वाले पांच दिनों तक दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। चक्रवात के भारतीय तटीय क्षेत्रों के निकट पहुंचने के साथ सुरक्षा बलों और राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। भारत और श्रीलंका, दोनों ही देश चक्रवात के प्रभाव को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से प्रयास कर रहे हैं।

