गीडा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक हब बनकर उभरा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा—‘बीमारू यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल की शक्ति’

गीडा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक हब बनकर उभरा

उत्तर प्रदेश नई औद्योगिक क्रांति के साथ आगे बढ़ रहा—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के 36वें स्थापना दिवस पर एक ऐसी तस्वीर पेश की जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और औद्योगिक इतिहास को नया मोड़ दे दिया। मुख्यमंत्री ने अपने जोरदार संबोधन में कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश ने खुद को उस रूप में स्थापित किया है जैसा देश की नई औद्योगिक क्रांति मांग करती है। सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों को सुरक्षा—इन चार स्तंभों ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय विकास का इंजन और विश्व निवेश का आकर्षण बना दिया है।

मुख्यमंत्री ने मंच से बताया कि पिछले आठ वर्षों में गीडा में 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो चुकी है। इन इकाइयों ने 11,618 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जिसके परिणामस्वरूप 40 हजार नौजवानों को रोजगार मिला। यह वही इलाका है जिसे कभी उपेक्षा, अव्यवस्था, अराजकता और पलायन का प्रतीक माना जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोरखपुर और पूर्वांचल विकास, निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बन चुके हैं।

114 परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्योगों की नई लहर का शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 408 करोड़ रुपये की 114 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। गीडा के विभिन्न सेक्टरों में यह निवेश औद्योगिक आधारभूत संरचना को नया रूप देगा। साथ ही उन्होंने औद्योगिक आवंटियों को आवंटन पत्र, ODOP, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी, चेक और टूलकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई आधारित ट्रेड शो व प्रदर्शनी का भी उद्घाटन कर उत्तर प्रदेश की उभरती औद्योगिक शक्ति का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में याद दिलाया कि 1989 से 1998 तक गीडा में गतिविधियां लगभग शून्य थीं। धरना-प्रदर्शन, माफियाराज और अव्यवस्था के कारण उद्योग दम तोड़ चुके थे और गोरखपुर का खाद कारखाना भी बंद हो गया था। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी हर वर्ष बच्चों का जीवन छीन रही थी। लेकिन आज वही इलाका उद्योग, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार की दृष्टि से राष्ट्रीय चर्चा का विषय है।

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मोदी सरकार और डबल इंजन की नीतियों का असर—45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने देश को बदलने की शक्ति दी। बदलते भारत में उत्तर प्रदेश ने अपनी क्षमता को ‘पूरा’ नहीं, बल्कि ‘अधिकतम’ साबित किया है। डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रदेश को 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इससे डेढ़ करोड़ नौजवानों को रोजगार मिला है। दिसंबर माह में 5 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश जमीन पर उतारने की तैयारी है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून-व्यवस्था में किए गए बड़े सुधारों—गुंडागर्दी, माफियाराज, अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति—ने निवेशकों को विश्वास दिया है। आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में कानून-व्यवस्था का मॉडल बनकर उभरा है। किसानों को विकास के लिए उचित मुआवज़ा और सम्मानजनक संवाद देकर भूमि अधिग्रहण भी पारदर्शी बनाया गया है।

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16 एयरपोर्ट से लेकर देश के सबसे बड़े रेल नेटवर्क तक—यूपी का बदलता चेहरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज देश के कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट—जेवर एयरपोर्ट—पूरी तरह तैयार है और अगले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके उद्घाटन करेंगे। यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। पहली रैपिड रेल और इनलैंड वॉटरवे भी उत्तर प्रदेश को मिला है, जिससे यूपी की कनेक्टिविटी अब ग्लोबल स्तर की हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत के अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश बन चुका है। निवेश लगातार बढ़ रहा है और हर निवेश के साथ रोजगार की नई धारा बन रही है। अकेले गीडा में ही 40 हजार युवाओं को रोजगार मिला है, यही बदलाव उत्तर प्रदेश की नई कहानी है।

गोरखपुर बन रहा इंडस्ट्रियल हब—कोका कोला, वरुण बेवरेज, प्लास्टिक पार्क शामिल

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए 800 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें कोका कोला, वरुण बेवरेज, कपिला कृषि उद्योग, प्लास्टिक पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री स्थापित होंगी। रिलायंस समूह भी धुरियापार क्षेत्र में कैम्पा ब्रांड की यूनिट लगाने को तैयार है। नाईलेट के माध्यम से युवाओं का स्किल डेवलपमेंट युद्ध स्तर पर चल रहा है। आगे कहा कि अम्बुजा सीमेंट और श्रेयस डिस्टलरी गीडा क्षेत्र में विकसित होने जा रही हैं, जिससे यह इलाका देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बन जाएगा।

कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी ने कहा कि गीडा अब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 1,200 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ जो प्रदेश की औद्योगिक शक्ति का प्रमाण है।