कोर्ट ने बढ़ाई अनमोल बिश्नोई की कस्टडी: एनआईए मुख्यालय में चली हाई-लेवल सुनवाई

गैंगस्टर नेटवर्क पर सख्त शिकंजा

कोर्ट ने बढ़ाई अनमोल बिश्नोई की कस्टडी: एनआईए मुख्यालय में चली हाई-लेवल सुनवाई

नई दिल्ली, 29 नवम्बर,(एजेंसियां)। गैंगस्टर और आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त नेटवर्क पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर और लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई की कस्टडी को अदालत ने सात दिन और बढ़ा दिया है। 5 दिसंबर तक बढ़ाई गई यह हिरासत इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अनमोल बिश्नोई से जुड़े कई गंभीर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले आपराधिक नेटवर्क की जांच अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सुरक्षा चिंताओं के चलते इस बार अदालत की सुनवाई खुली अदालत में नहीं, बल्कि सीधे एनआईए मुख्यालय के सुरक्षित हिस्से में कराई गई। यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि अनमोल बिश्नोई से जुड़े मामले कितने गंभीर, संवेदनशील और व्यापक हैं।

एनआईए कोर्ट की जज ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तय किया कि बिश्नोई को अदालत ले जाना उसके जीवन के लिए खतरा हो सकता है। ऐसे में अदालत खुद एनआईए मुख्यालय पहुंची और वहीं विशेष सुनवाई की। यह बेहद दुर्लभ होता है जब न्यायिक प्रक्रिया को अदालत परिसर से बाहर ले जाकर जांच एजेंसी के मुख्यालय में संचालित किया जाए। इससे साफ संकेत मिलता है कि अनमोल बिश्नोई की मौजूदगी और उसके गिरोह के सक्रिय नेटवर्क को लेकर एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं। सुनवाई के बाद अदालत ने बिश्नोई की कस्टडी 5 दिसंबर तक बढ़ा दी, ताकि जांच एजेंसी पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों की गहराई तक जा सके।

नवंबर में पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 11 दिन की हिरासत में भेजा था। लेकिन अब जांच में सामने आए नए तथ्यों और कड़ियों को ध्यान में रखते हुए एनआईए ने अदालत से अतिरिक्त रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अदालत के आदेश के बाद एजेंसी ने कहा है कि पूछताछ के दौरान देश में फैले आपराधिक-आतंकी नेटवर्क और उसकी फंडिंग से जुड़े अहम सुराग मिले हैं, जिनकी पुष्टि के लिए बिश्नोई से आगे की पूछताछ जरूरी है।

एनआईए के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी और अधिवक्ता कुशदीप गौड़ ने अदालत में बताया कि अनमोल बिश्नोई 2022 से फरार था। उसके खिलाफ कई राज्यों में संगीन मामले दर्ज हैं। वह अपने भाई लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था और भारत में रंगदारी, सुपारी किलिंग, टारगेट शूटिंग और आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता रहा। वह इस नेटवर्क का 19वां आरोपी है जिसे एजेंसी ने गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क केवल भारत में ही नहीं बल्कि अमेरिका, कनाडा, दुबई और पाकिस्तान तक फैला माना जा रहा है, जिसमें अनमोल की भूमिका कड़ी की तरह थी।

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एनआईए के अनुसार अनमोल बिश्नोई ने विदेश में रहते हुए भारतीय भूमि पर चलाए जा रहे हमलों और आपराधिक गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया। वह कुख्यात आतंकवादी गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई के साथ सीधे संपर्क में था। मार्च 2023 में एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि 2020 से 2023 के बीच हुए कई हाई-प्रोफाइल हमलों और अपराधों में उसका हाथ था। इन घटनाओं में राजनीतिक हत्याओं की साजिश, बड़े कारोबारी घरानों से रंगदारी, हथियारों की सप्लाई और विदेशी नेटवर्क के जरिए ऑपरेशन चलाना शामिल था।

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एनआईए की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि अनमोल बिश्नोई के खिलाफ देश भर में कुल 24 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद एजेंसी को उम्मीद है कि लॉरेंस-बरार- अनमोल यानी गैंगस्टर-टेरर मॉड्यूल की कई कड़ियां अब खुलकर सामने आएंगी। इसी कारण एजेंसी पूछताछ के प्रत्येक चरण को बेहद गोपनीय रख रही है।

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अनमोल बिश्नोई की भारत वापसी भी एक बड़ा ऑपरेशन था। उसे अमेरिका से प्रत्यर्पित कर दिल्ली लाया गया, जहां उसकी विशेष पेशी हुई। उसके बाद से लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। NIA ने पहले ही उसकी गिरफ्तारी पर सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। यह इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां उसे कितना बड़ा खतरा मानती थीं।

एनआईए ने अदालत में बताया कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय खातों, क्रिप्टो चैनलों, अवैध हथियारों के लेन-देन और विदेशी तस्करों व गैंगस्टरों के साथ उसकी बातचीत के प्रमाण मिले हैं। इन सूचनाओं की पुष्टि और आगे की कार्रवाई के लिए उसकी निरंतर हिरासत आवश्यक है। अदालत ने भी माना कि उसकी भूमिका बेहद गंभीर और संवेदनशील है, इसलिए एजेंसी को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत में आयोजित अपराधों को विदेशों से संचालित करने वाले मॉड्यूल की जड़ें कितनी गहरी और खतरनाक होती जा रही हैं। अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी और पूछताछ देश में संगठित अपराध और आतंक के गठजोड़ को तोड़ने की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एनआईए की यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि भारत अब किसी भी तरह की गैंगस्टर-आतंकी गतिविधि को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानते हुए कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बिश्नोई गिरोह से जुड़े कई सक्रिय सदस्यों की पहचान हो चुकी है और उन पर जल्द ही शिकंजा कसा जाएगा। अदालत ने भी माना कि यह सिर्फ एक गैंगस्टर का मामला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, स्थिरता और कानून-व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल है।