देश को घुसपैठियों से मुक्त कराएगी भाजपा
असम की जमीन से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान
भारत में एक भी घुसपैठिया नहीं रहना चाहिए
गुवाहाटी, 30 अगस्त (एजेंसियां)। असम दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा देश को घुसपैठियों से मुक्त करने का अपना वादा निभाएगी। अमित शाह ने कहा, हमने असम से वादा किया था, भले ही हम 10 साल में इसे पूरा नहीं कर पाए, लेकिन हम अपना वादा जरूर निभाएंगे। असम के साथ-साथ पूरे देश को अवैध विदेशियों से मुक्त करेंगे। मैं उन लोगों में से हूं जो मानते हैं कि हमारे देश में एक भी घुसपैठिया नहीं रहना चाहिए।
असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की जन्मशती पर गुवाहाटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घोषित केंद्र का उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन देश के जनसांख्यिकीय स्वरूप का अध्ययन करने और घुसपैठियों की पहचान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब 1978 में गोलाप बोरबोरा असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने, तो यह असम के राजनीतिक इतिहास में एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत थी। 1978 तक यहां कोई गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री नहीं चुना गया था। फिर पहली बार, गोलाप बोरबोरा ने एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि जब से इंदिरा गांधी ने देश की कमान संभाली है, उनके परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के योगदान को देश में मंच या सम्मान नहीं दिया गया है। इतने बड़े देश में, विविध संस्कृतियों के कई लोगों ने देश की प्रगति में योगदान दिया है, लेकिन उन्हें न तो सम्मान दिया गया और न ही उन्हें कोई मंच मिला।
इस दौरान अमित शाह ने बताया कि कैसे बोरबोरा ने मंगलदई लोकसभा सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता पड़ने पर मतदाता सूची को सही करने का अभियान चलाया था। शाह ने कहा कि उस दौर में जब कम्प्यूटरीकृत मतदाता सूची नहीं थी उस अभाव में भी, पूर्व सीएम बोरबोरा की सरकार ने 36,780 अवैध विदेशियों के नामों का पता लगाया था। मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण को असम आंदोलन की शुरुआत माना जा सकता है। गोलाप बोरबोरा ने मार्च 1978 से सितंबर 1979 तक राज्य में जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया था।
इससे पहले राजभवन की नवनिर्मित इकाई ब्रह्मपुत्र का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के लिए कहे गए अपशब्दों के लिए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा गालियां पीएम मोदी को दोगे, कमल का फूल उतना ही अधिक खिलेगा। कांग्रेस ने हर चुनाव में यही गलती की। गाली दी और फिर मुंह की खाई। बाद में विजय को झुठलाने के लिए घुसपैठिया बचाओ यात्रा लेकर आए। राहुल की यह घुसपैठिया बचाओ यात्रा कांग्रेस के वोट बैंक की रक्षा के लिए है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कांग्रेस की घुसपैठिया बचाओ यात्रा के साथ राहुल की राजनीति निम्नतम स्तर पर पहुंच गई है। राजभवन की नवनिर्मित इकाई ब्रह्मपुत्र का उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। देश उन्हें और उनकी पार्टी को घृणा से देख रहा है। अमित शाह ने डेरगांव स्थित लचित बरफुकन पुलिस अकादमी में स्थापित राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला-उत्तर पूर्व का भी वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने आईटीबीपी, एसएसबी और असम राइफल्स की विभिन्न विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें आवास परिसर, बैरक और अस्पताल शामिल हैं। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने राजभवन के अंदर एक मंदिर में पूजा-अर्चना की, गौ पूजन किया और सिंदूर का पौधा लगाया।
अपने दौरे के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों की रैली को संबोधित करते हुए शाह ने अगले साल मार्च-अप्रैल में होने वाले असम विधानसभा चुनाव के प्रचार का बिगुल फूंका। विपक्षी कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि असम का प्रतिनिधित्व घुसपैठियों के प्रति सहानुभूति रखने वाले और अतिक्रमण को बढ़ावा देने वाले लोग नहीं कर सकते। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि असम का नेतृत्व ऐसे लोग नहीं कर सकते जो बार-बार पाकिस्तान जाते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर हमला बोलते रहे हैं। सरमा ने दावा किया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ने भारत और पाकिस्तान के बीच 19 बार यात्रा की थी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में न सिर्फ शांति स्थापित की है, बल्कि पूरे देश को भी सुरक्षित करने का काम किया है। असम की सबसे बड़ी समस्या घुसपैठियों की थी, जो नाबालिग बच्चियों से शादी कर सामाजिक संतुलन को बिगाड़ रहे थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस पर सख्त अभियान चलाया और ऐसे लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया। अब तक 3500 एकड़ चारागाह भूमि, 87,000 एकड़ वन्यजीव अभयारण्य की भूमि, 26,000 एकड़ सरकारी भूमि, और 4500 एकड़ अन्य भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई गई है। इसके अतिरिक्त 1548 एकड़ भूमि को भी मुक्त कराया गया है।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने लाखों एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई इस मुहिम का विरोध कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार संकल्पबद्ध है कि असम की एक-एक इंच भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराकर असम के युवाओं को उसका अधिकार दिलाया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कांग्रेस शासनकाल में शंकरदेव और माधवदेव की भूमि पर भी घुसपैठियों ने कब्जा जमा लिया था। भाजपा सरकार ने उस भूमि को भी मुक्त कराकर इन महापुरुषों का सम्मान और पवित्रता को पुनः स्थापित करने का कार्य किया है। अमित शाह ने असम के हजारों जनप्रतिनिधियों से प्रश्न करते हुए कहा कि जब पहलगाम में हमारे यात्रियों पर हमला हुआ था, तो क्या आपको दुख हुआ था या नहीं? जब निर्दोष यात्री मारे गए, तो क्या आपको गुस्सा आया था या नहीं? पहले के जमाने में ऐसे आतंकी हमले होते थे, हमलावर भाग जाते थे और कुछ नहीं होता था। मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मार गिराने का काम किया और उनके अड्डों को पूरी तरह समाप्त कर दिया। अनेक उतार-चढ़ाव और हिंसक संघर्षों को झेलते हुए आज उत्तर-पूर्व शांति, विकास और समग्र प्रगति की ओर आगे बढ़ रहा है।