कृष्ण ने बृजवासियों को बताया गो पूजन का महत्व
लखनऊ, 18 अगस्त, (एजेंसी)। मित्तल परिवार की ओर से अमीनाबाद रोड स्थित न्यू गणेशगंज में छह दिन चलने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों में भगवान कृष्ण की लीलाओं के अलग-अलग रूप प्रदर्शित किया जा रहे हैं। झांकी संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि डिजिटल मूविंग झांकियों के तीसरे दिन श्रीकृष्ण की गौ चारण लीला दिखाई गई। कान्हा की गोचारण लीला को गोपाष्टमी भी कहा जाता है। कृष्ण अपने ग्वाल बाल सखाओं के साथ गायों को चराने के लिए क्न में गए। वहां उन्होंने गौ पूजन महत्व के बारे बताया। गाय समस्त प्राणियों की माता अर्थात साक्षात देवी के समान है।
गाय में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास है। इनकी पूजा, अर्चना एवं परिक्रमा करने से समस्त पापों का नाश होता है। गाय का दूध अमृत तुल्य है। विश्व में गाय ही ऐसा पशु है जिनके मल की पूजा होती है। गाय के गोबर में माता लक्ष्मी का वास होता है। गाय को दिव्य गुणों की स्वामिनी माना गया है, गाय के दूध, दही, घी, गोबर व मूत्र अर्थात पंचगव्य से रोग दूर हो जाते हैं, बुद्धि निर्मल होती है।
अन्य झांकियों में परंपरागत झूले पर विराजमान राधा कृष्ण, कालिया मर्दन के अलावा पूतना वध की स्थायी झांकी सजाई गई है। 20 फीट ऊंचे शिवलिंग के अलावा सीना चीरते हनुमान जी की स्वचालित झांकी भी आकर्षण का केंद्र बनी है। भालू-बंदर नचाते और सांप का खेल दिखाते मदारी की झांकी के साथ राम नाम जपते तुलसीदास, माखन चोरी करने पर कन्हैया को छड़ी लेकर दौड़ाती यशोदा माता की चलती-फिरती झांकी सबको लुभाने को रही है। न्यू गणेशगंज झांकी स्थल को कोलकाता की एलईडी लाइट पैनलों एवं विशालकाय तोरण द्वारों पर माता दुर्गा व कृष्ण लीलाओं को उकेरा गया। ऑपरेशन सिंदूर का सेल्फी कार्नर भक्तों में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर रहा है।
आज होंगी प्रतियोगिताएं
मंगलवार 19 अगस्त को श्रीकृष्ण रुकमणि विवाह की झांकी के अलावा दही हाड़ी मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। झांकियों का अवलोकन करने का समय सांय 7 बजे से रात 12 प्रतिदिन रहेगा।