धर्मस्थल मामला: सतीश जारकीहोली का भाजपा पर पलटवार
बेंगलूरु/शुभ लाभ ब्यूरो| लोकसभा सांसद सतीश जारकीहोली ने पलटवार करते हुए कहा कि धर्मस्थल मामले की जाँच के लिए अदालत के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है| अगर यह गलत है, तो अदालत में ही सवाल पूछा जाना चाहिए था|
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्य सरकार की आलोचना करने के लिए सही विचार नहीं हैं| इसलिए, उन्होंने मजाक में कहा कि वे बेवजह विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं| पहले उन्होंने गारंटी योजनाओं की आलोचना करने की कोशिश की| किसी ने उनकी बात नहीं सुनी|
फिर उन्होंने अलग-अलग मुद्दे उठाकर आलोचना करने की कोशिश की| जब इससे भी बात नहीं बनी, तो उन्होंने कहा कि अब उन्होंने धर्मस्थल का मुद्दा उठाया है| इसमें कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है| राज्य सरकार को इससे न तो लाभ है और न ही हानि| अदालत ने शिकायत के बाद आदेश दिया है|
उसी के आधार पर एसआईटी जाँच की जा रही है| उन्होंने कहा कि भाजपा दिशा भटकाने के लिए राजनीति कर रही है| बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक को दशहरा के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया है| भाजपा हर बात का विरोध करके राजनीति कर रही है| पहले भी कई लेखकों, विचारकों और पुरस्कार विजेताओं को दशहरा के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है|
उन्होंने बचाव करते हुए कहा कि इस बार भी इसी के अनुसार निर्णय लिया गया है| उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि विधानसभा में आरएसएस का प्रार्थना गीत गाने के लिए पार्टी द्वारा माफी मांगना अच्छा है| अन्यथा, इससे अलग-अलग व्याख्याएँ और चर्चाएँ होतीं और भ्रम की स्थिति पैदा होती|
उन्होंने कहा कि माफी मांगने से सब कुछ सुलझ गया है| राजन्ना के मुद्दे पर आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, वह उससे सहमत हैं| उन्होंने कहा कि वह इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते कि जिस तरह डी.के. शिवकुमार को मौका दिया गया, उसी तरह राजन्ना को भी मौका दिया जाए|