अब कठुआ में फटा बादल, 7 मरे, दर्जनों लापता
अथक मेहनत से सुरक्षाबल कर रहे लोगों की मदद
जम्मू, 17 अगस्त (ब्यूरो)। जम्मू कश्मीर में कुदरत का कहर जारी है। अब कठुआ के तीन स्थानों पर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। पांच बच्चों समेत सात लोगों के मरने और दर्जनों के लापता होने का समाचार है। रेलवे ट्रैक और हाईवे को भी नुकसान हुआ है। जिस कारण जम्मू कश्मीर का शेष देश से संपर्क कट गया है। बीसियों घर तबाह हो गए हैं। मौसम विभाग ने अभी 25 अगस्त तक ऐसे हादसों के होने की चेतावनी दी है।
बादल फटने जैसी घटना से कठुआ में कोहराम की स्थिति पहली बार बनी है। अपने संपर्कों से जो बातचीत हुई है, उसके मुताबिक जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के ऊपरी कंडी क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है। बादल फटने का पहला इम्पैक्ट दिलवां, खरोट और जोड़ पर पड़ा है। सात लोगों की मौत की पुष्टि की जा रही है जबकि कई घायल हैं। जंगलोट से सटे केंद्रीय विद्यालय कठुआ और सैन्य क्षेत्र में नुकसान की सूचना है। बताया जा रहा है बाढ़ का कुछ पानी कंडी इलाके के बीच से जाने वाली नहर में चले जाने से कठुआ शहर को बड़ा नुकसान होने से टल गया। इसके बावजूद कठुआ के वार्ड 7 और खासकर आईटीआई सड़क जलमग्न हो गए। कई घरों को नुकसान पहुंचा। गाड़ियां जहां पार्क थीं सुबह उससे दूर जाकर मिलीं। ओल्ड सांबा कठुआ मार्ग भी कई फुट पानी में घंटों तक रहा। नदी नालों में बाढ़ का असर निचले मैदानी इलाकों पर भी पड़ा। सुरक्षित माने जाने वाले कुछ इलाक़ों में बाढ़ के हालात बन गए।
जबकि रेलवे अधिकारियों ने रविवार को लगातार भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के कारण उधमपुर और पठानकोट सेक्शन के बीच ट्रेन सेवाएं अगली सूचना तक स्थगित कर दीं। एक अधिकारी ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण उधमपुर और पठानकोट के बीच अगली सूचना तक सेवाएं स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि यह निलंबन पिछले 10 घंटों से हो रही भारी और लगातार बारिश के कारण है, जिससे पटरियाँ परिचालन के लिए असुरक्षित हो गई हैं। अधिकारी ने कहा कि यह कदम सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के घाटी इलाके में एक विनाशकारी बादल फटने से कथित तौर पर 7 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को हुई इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के एक सुदूर गांव को अलग-थलग कर दिया है, जिससे बचाव और राहत कार्यों की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
कठुआ में बादल फटने से तीन जगहें प्रभावित हुईं, जिनमें सबसे ज्यादा असर राजबाग के जोड़ घाटी इलाके में महसूस किया गया। रात भर हुई भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ, जिससे जमीन और संपत्ति को काफी नुकसान हुआ। उज नदी और आस-पास के जलाशयों के बढ़ते जल स्तर ने चिंता बढ़ा दी है, जिससे स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा सलाह जारी कर निवासियों से नदियों और नालों से दूर रहने का आग्रह किया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र से बजरी और कीचड़ भरा पानी जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे यातायात बाधित हुआ।
पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) सहित आपातकालीन प्रतिक्रिया दल प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों में सहायता और फंसे हुए निवासियों को राहत प्रदान करने के लिए तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है, बागड़, चांगडा और दिलवान-हुतली जैसे इलाकों में भूस्खलन की और भी खबरें हैं।
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